पर्यावरण की परिभाषा

आज हम इस लेख में जानेंगे की पर्यावरण किसे कहते है एवं इसके प्रकार कितने है। पर्यावरण का सामान्य भाषा में बात करे तो इसका अर्थ ‘‘ हमारे आसपास हर चीज पर्यावरण का की हिस्सा है, फिर चाहे व सजीव हो या निर्जीव, यह सभी पर्यावरण की श्रेणी में ही आते है। ’’    

हमारे पढने व लिखने के अनुसार तो पर्यावरण एक ही होते है लेकिन भूगोल के अनुसार पर्यावरण को कई अनेक भागों में बांटा गया है। इसलिए हमें पर्यावरण क्या है इसे समझना चाहिए। आज का हमारा यह लेख आपको इस के बारे में अच्छे से समझायेगा की पर्यावरण क्या है एवं इसके कितने प्रकार होते है। 

पर्यावरण क्या है एवं इसके प्रकार के बारे में इस लेख में आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे। हम उम्मीद करते है की आपको हमारा ये लेख पसंद आएगा। जब हम बचपन में स्कूल में पढते थे तब से ही व्याकरण के बारे में पढते आ रहे है। 

इसके बावजूद भी ऐसे कई बिंदु है जो हमें पर्यावरण व भूगोल के संदर्भ में समझ नही आते है। हमारे इसी लेख में उन्ही बिन्दुओं को समझाने का प्रयास कर रहे है। चलिये जानते है की पर्यावरण क्या है और इसके कितने प्रकार है –

पर्यावरण की परिभाषा 

पर्यावरण का सामान्य अर्थ ऐसे समूचे जैविक व भौतिक पर्यावरण है जो हमारे आसपास स्थित है, जो हमें दिखाई देता है वह सब पर्यावरण कहलाता है। हमारे आसपास प्रकृति, पेड़, पौधे इत्यादि पर्यावरण के अंतर्गत ही आते है।

पर्यावरण का क्षेत्र

सामान्य रूप से देखा जाए तो पर्यावरण का कोई क्षेत्र नहीं है, हमारे आसपास का सम्पूर्ण क्षेत्र जैसे जल, वायु, भूमि इत्यादि कारक पर्यावरण के अन्तर्गत ही आते है। इस हिसाब से हमारी पूरी सृष्टि पर्यावरण का ही हिस्सा है। 

पर्यावरण का महत्व

अगर हम यूं कहे की पर्यावरण से ही हम हैं तो यह कोई कम नही होगा, हमारे साथ ही हर किसी के जीवन के लिए पर्यावरण का बहुत महत्व है, क्योंकि पृथ्वी पर जीवन पर्यावरण से ही हमारा पूरा जीवन संभव है। हमारे आसपास समस्त मनुष्य, जीव- जंतु, प्राकृतिक, वनस्पतियों, पेड़- पौधे, जलवायु, मौसम सब पर्यावरण के अंतर्गत ही निहित है, हम पर्यावरण का ही हिस्सा है। पर्यावरण न सिर्फ हमारे आसपास की जलवायु में संतुलन बनाए रखने का काम करता है, और जीवन के लिए आवश्यक सभी वस्तुएँ भी हमें उपलब्ध कराता है।

पर्यावरण के भेद

भौगोलिक विज्ञान में पर्यावरण को मुख्यतः 3 भागों में बांटा गया है जो इस प्रकार निम्न है – 

प्राकृतिक पर्यावरण

हमारे आसपास पाई जाने वाली हर वो चीज जो हमारे आसपास पाई जाती है और जिसका हम उपयोग करते है वह प्राकृतिक पर्यावरण की श्रेणी में आता है। जैसे जल, मिट्टी इत्यादि। हमारे आस पास पाये जाने सूक्ष्म जीव जन्तु भी इसी श्रेणी में आते है। 

मानव निर्मित पर्यावरण

इस प्रकार के पर्यावरण में वे सभी मानव निर्मित चीजें आती है जिसे मानव द्वारा निर्मित किया जाता है। इस प्रकार के पर्यावरण में औद्योगिक क्षेत्र शहर, फैक्ट्री इत्यादि इसके अच्छे उदाहरण है। 

सामाजिक पर्यावरण

हमारे आसपास सामाजिक व धार्मिक मान्यताओं को सामाजिक पर्यावरण की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसा पर्यावरण जिसमें कोई सामाजिक आस्था या अवस्था हो, ऐसे पर्यावरण को सामाजिक पर्यावरण कहा जाता है। इस प्रकार के पर्यावरण में मानव सामाजिक रूप से हिस्सा लेता है। इस प्रकार के उदाहरण में हमारे आसपास भरने वाले मेले उत्कृष्ट उदाहरण है। 

पर्यावरण के 4 प्रमुख मण्डल

पर्यावरण के यह चार प्रमुख मण्डल निम्न है – 

स्थलमण्डल 

हमारी पृथ्वी का लगभग 29 प्रतिशत हिस्सा स्थलमण्डल के अन्तर्गत आता है। इस मण्डल में अधिकांश पैड़ पौधे इत्यादि शामिल है। इस प्रकार के मंडल में पठार, चट्टान इत्यादि शामिल। स्थलमंडल को दो भागों में बांटा जाता है जिसमे शैले व मृदा प्रमुख हैै। 

जलमण्डल 

हमारे पर्यावरण का सबसे महत्वपूर्ण घटक जलमण्डल ही है इसका प्रमुख कारण यह है की यह पृथ्वी पर स्थलीय व जलीय जीवन को स्तम्भ बनाने का कार्य करता है। जलमण्डल में जलीय धाराएं प्रमुख है। 

वायुमण्डल 

हमारे आसपास, हमारे वातावरण में कई गैसे पायी जाती है जो वायुमंडल का निर्माण करती है। इस मंडल में कई हमारो गैसे पायी जाती जैसे ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड इत्यादि। 

जैवमण्डल

जैवमण्डल हमारे पर्यावरण का वह हिस्सा है जहां पर हमारा जीवन संभव है। इस मंडल पर वायुमंडल, स्थलमंडल व स्थलमण्डल तीनो की विशेषताएं पायी जाती है। 

पर्यावरण में पायी जाने वाली गैसें 

वैसे तो हमारे पर्यावरण में कई तरह की गैसें पायी जाती है जिनमे सबसे ज्यादा मात्रा में नाइट्रोजन पायी जाती है जिसकी मात्रा तकरीबन 78.8 प्रतिशत है। इसके साथ ही हमारी प्राणवायु ऑक्सीजन गैस भी इसी वायुमंडल का हिस्सा है। 

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