वर्तनी किसे कहते हैं – परिभाषा, भेद, प्रकार, उदाहरण

आज हम इस लेख में जानेंगे की वर्तनी किसे कहते है एवं इसके प्रकार कितने है। हिंदी भाषा में वर्तनी का सामान्य भाषा में बात करें तो इसका अर्थ ‘‘ किसी भी भाषा में शब्द में प्रयुक्त ध्वनियों को जिस क्रम के अनुसार से उच्चारित किया जाता है, वह उसके सायह शब्दों को लिखने में भी उसी क्रम से विन्यस्त करने की प्रक्रिया को ही इस नाम वर्तनी या वर्ण-विन्यास से जाना जाता है । तात्पर्य यह है कि वर्तनी के अन्तर्गत शब्दों और ध्वनियों को लिखने के क्रम में  और उच्चारित करने के क्रम को वर्तनी कहा जाता है। ’’ 

हमारे पढने व लिखने के अनुसार तो वर्तनी एक ही होती है लेकिन व्याकरण के अनुसार वर्तनी को कई अनेक भागों में बांटा गया है। इसलिए हमें वर्तनी क्या है इसे समझना चाहिए। आज का हमारा यह लेख आपको इस के बारे में अच्छे से समझायेगा की वर्तनी क्या है एवं इसके कितने प्रकार होते है। 

वर्तनी क्या है एवं इसके प्रकार के बारे में इस लेख में आपको पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे। हम उम्मीद करते है की आपको हमारा ये लेख पसंद आएगा। जब हम बचपन में स्कूल में पढते थे तब से ही वर्तनी एवं व्याकरण के बारे में पढते आ रहे है। 

इसके बावजूद भी ऐसे कई बिंदु है जो हमें वर्तनी एवं हिंदी व्याकरण के संदर्भ में समझ नही आते है। हमारे इसी लेख में उन्ही बिन्दुओं को समझाने का प्रयास कर रहे है। चलिये जानते है की वर्तनी क्या है और इसके कितने प्रकार है –

वर्तनी की परिभाषा (Vartani ki Paribhasha)

किसी भी भाषा में शब्द में प्रयुक्त ध्वनियों को जिस क्रम के अनुसार से उच्चारित किया जाता है, वह उसके सहायक शब्दों को लिखने में भी उसी क्रम से विन्यस्त करने की प्रक्रिया को ही इस नाम वर्तनी या वर्ण-विन्यास से जाना जाता है । तात्पर्य यह है कि वर्तनी के अन्तर्गत शब्दों और ध्वनियों को लिखने के क्रम में  और उच्चारित करने के क्रम को वर्तनी कहा जाता है।

वर्तनी की अशुद्धि और उसका सही अर्थ 

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
अहारआहार
अजमायशआजमाइश
सप्ताहिकसाप्ताहिक
अत्याधिकअत्यधिक
आधीनअधीन
चहिएचाहिए
अजादीआजादी
अवश्यकआवश्यक
नराजनाराज
व्यवहारिकव्यावहारिक
अलोचनाआलोचना

वर्तनी किसे कहते हैं

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
तिथीतिथि
दिवारदीवार
बिमारीबीमारी
श्रीमतिश्रीमती
क्योंकीक्योंकि
कवियत्रीकवयित्री
दिवालीदीवाली
अतिथीअतिथि
दिपावलीदीपावली
पत्निपत्नी
मुनीमुनि
परिक्षापरीक्षा
रचियतारचयिता
उन्नतीउन्नति
कोटीकोटि
कालीदासकालिदास

Vartani kya hoti hai

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
पुज्यनीयपूजनीय
प्रभूप्रभु
साधूसाधु
गेहुँगेहूँ
वधुवधू
हिंदुहिंदू
पशूपशु
रुमालरूमाल
रूपयारुपया
रूईरुई
तुफानतूफान

वर्तनी किसे कहते हैं

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
रितुऋतु
व्रक्षवृक्ष
श्रृंगार/श्रंगारशृंगार
श्रगाल/श्रृगालशृगाल
ग्रहस्थीगृहस्थी
उरिणउऋण
आदरितआदृत
रिषिऋषि
प्रथक्पृथक्
प्रथ्वीपृथ्वी
घ्रणाघृणा
ग्रहिणीगृहिणी

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
सैनासेना
एश्वर्यऐश्वर्य
एनकऐनक
नैननयन
सैनासेना
चाहियेचाहिए

वर्तनी किसे कहते हैं

’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
रौशनीरोशनी
त्यौहारत्योहार
भोगोलिकभौगोलिक
बोद्धिकबौद्धिक
परलोकिकपारलौकिक
पोधापौधा
चुनाउचुनाव
होलेहौले

Vartani kya hoti hai

संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
आर्शीवादआशीर्वाद
कार्यकर्मकार्यक्रम
आर्दशआदर्श
नर्मीनरमी
स्त्रोतस्रोत
क्रपाकृपा
गर्मगरम

वर्तनी किसे कहते हैं

’, ‘’, ‘संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
दुसाशनदुशासन
प्रसंशाप्रशंसा
प्रशादप्रसाद
कश्टकष्ट
सुशमासुषमा
अमावश्याअमावस्या
नमश्कारनमस्कार
विषेशणविशेषण

अन्य अशुद्धियाँ

अशुद्धशुद्ध
अकाशआकाश
अतऐवअतएव
रक्शारक्षा
रिक्सारिक्शा
विधालयविद्यालय
व्रंदावनवृंदावन
सकूलस्कूल
सप्तासप्ताह
समान (वस्तु)सामान
दुरदशादुर्दशा
परिच्छापरीक्षा
बिमारबीमार
आस्मानआसमान
गयीगई
ग्रहकार्यगृहकार्य
छमाक्षमा
जायेंगेजाएँगे
जोत्सनाज्योत्स्ना
सुरगस्वर्ग
सेनिकसैनिक

वर्तनी में कुछ अन्य अशुद्धियाँ

वर्तनी की अशुद्धियों के रूप

  1. स्वरों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ
  2. अनुस्वार – अनुनासिक संबंधी अशुद्धियाँ
  3. व्यंजनों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ
  4. लेखन और वर्तनी के अज्ञान संबंधी अशुद्धियाँ
  5. क्षेत्रीय बोली के प्रभाव से प्रभावित अशुद्धियाँ
  6. भाषा के अमानक प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

स्वरों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध शुद्ध

अवाज – आवाज

कवीता – कविता

बारात – बरात

व्यंजनों के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध शुद्ध

ब्रत – व्रत

बाल्मीकि – वाल्मीकि

इखट्ठा – इकट्ठा

लेखन और वर्तनी के अज्ञान संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध शुद्ध

प्रात – प्रात:

पत्नि – पत्नी

इंसान – इनसान

अभीमान – अभिमान

क्षेत्रीय बोली के प्रभाव से प्रभावित अशुद्धियाँ

अशुद्ध शुद्ध

रामचंदर – रामचंद्र

रविंदर – रवींद्र

मित्तर – मित्र

भाषा के अमानक प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ

अशुद्ध शुद्ध

इसटेशन – स्टेशन

सकूल – स्कूल

कृतघन – कृतघ्न

निष्कर्ष

यहाँ हमने वर्तनी क्या है एवं इसके साथ ही गणित के सभी प्रकारों की जानकारी दी है, अगर आपको हमारा यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें। अगर वर्तनी से जुड़ा किसी भी तरह का प्रश्न है तो आप यहाँ कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। हमें उम्मीद है की आप हमारा यह मेहनत भरा लेख अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करेंगे।

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